गुरुवार, 5 जनवरी 2017

मस्तिष्क क्षमता कैसे बढायें
मस्तिष्क को दो भाग होते हैं एक बायां भाग तथा दूसरा दायां भाग दोनो भाग के अलग-अलग कार्य होते हैं । शरीर के दायें भाग का सम्बन्ध बायें मस्तिष्क से होता है तो शरीर के बायें भाग का सम्बन्ध दायें मस्तिष्क से होता है । अगर कोई व्यक्ति दाहिने हाथ से कार्य करने वाला है तो उसका बायां मस्तिष्क, दाहिने मस्तिष्क की अपेक्षा अधिक सक्रिय एवं क्रियाशील रहता है । वहीं अगर कोई व्यक्ति बायें हाथ से कार्य करने वाला है तो उसका दाहिना मस्तिष्क, बायें मस्तिष्क की अपेक्षा अधिक सक्रिय एवं क्रियाशील रहता है । अब अगर कोई दाहिने हाथ से कार्य करने का आदी है तो उसे चाहिए कि वह दिन मे 20-30 मिनट अपने बायें हाथ से कार्य करें ताकि उसका दाहिना मस्तिष्क भी और अधिक क्रियाशील हो उठे तथा अगर कोई बायें हाथ से कार्य करने का आदी है तो उसे चाहिए कि वह दिन मे 20-30 मिनट अपने दाहिनें हाथ से कार्य करें ताकि उसका बायां मस्तिष्क भी और अधिक क्रियाशील हो उठे ।
डॉ भीमराव अम्बेडकर एक ऐसे विलक्ष्ण महापुरूष थे जो अपने दोनो हाथों का प्रयोग करते थे तथा अपने दोनो हाथों से लिख सकते थे । वे कितने प्रतिभाशाली थे इतिहास गवाह है ।

अनुलोम-विलोम प्रणायाम करने से, दोनो हाथों के नाखूनों को आपस मे रगड़ने से, दोनो कानो को हाथ के अगूँठे तथा पहली अगुँली से हल्के हाथ से दबाने से, तथा मेडिटेशन (ध्यान) करने से, सुबह के समय सूर्य की धूप मे 20-30 मिनट नंगे बदन बैठने से मस्तिष्क के दोनो हिस्से क्रियाशील होते हैं रिचार्ज होते हैं । तथा उनकी क्षमता बढती है तथा जिसका उपयोग कर साधारण मनुष्य भी महान प्रतिभाशाली बनकर अपना जीवन महान तथा समृद्धशाली बना सकता है ।

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