सोमवार, 24 मई 2021

संघर्ष से निखरता है मनुष्य


  जिंदगी के संघर्ष में अगर निखरना है कुछ बनना है तो लोगो के ताने उल्हाने, माँ बाप से थप्पड़ भी मिलते रहने चाहिए ।।   बुजुर्गों ने कहा है कि जो पौधे सिर्फ छांव में पलते हैं धूप आने पर मुरझा जाते हैं , पेड़ बनने के लिए उनको सब मौसम मिलते रहने चाहिए । ,  जीवन धूप छांव का एक खेल ही तो है , सुख की छांव कभी गम की धूप जीवन रूपी सागर के ये दो किनारे है , ज्यादा सुख सुविधाओं से मनुष्य का मन कमजोर बन जाता है उसके अंदर जीवन की कठनाइयों से संघर्ष करने का माद्दा पैदा नही हो पाता ऐसे लोग जीवन मे उतना ही हासिल कर पाते हैं जितना जिंदगी उन्हें देती है । 

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